न्यायाधीश शनि देव को प्रसन्न करने के 11 उपाय

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कर्मप्रधान और न्याय के देवता कहे जाने वाले शनि देव अगर अपनी कुदृष्टि किसी व्यक्ति पर डाल दे तो उस व्यक्ति के बनते  बनते  काम  बिगड़ जाते  है  और  उस  व्यक्ति  की  मति  भ्रमित  हो  जाती है  वो  किसी भी कार्य को सही नही करता है।

कर्मप्रधान  ग्रह कहे जाने वाले शनि देव व्यक्ति के कर्मो का फल देते है, आम तौर पर कहा जाता है  “जैसी करनी वैसे भरनी”  यह वाक्य  मुख्य रूप  से  शनि देव  के  लिए ही कहा जाता है  नवग्रहों में शनि ग्रह को कर्मप्रधान और न्याय के देवता की उपाधि प्राप्त है ,

हमने  हमेशा  अपने  बड़े बु जुर्गों से सुना है “जो जैसा करेगा वो वैसा ही पाएगा”  परंतु  ज्यादातर  लोग ये  नही जानते की  कर्मप्रधान देवता और हमारे अच्छे एवं बुरे  कर्मो के फल को देने वाले देवता कौन है ?

वैदिक  ज्योतिष  के  अनुसार कलयुग में  अच्छे बुरे  कर्मो का फल देने  वाले कर्मप्रधान देवता शनि देव को माना  गया है। व्यक्ति  के द्वारा किये गए  किसी भी तरह  का  कोई  भी  कर्म हो  उसका  फल शनि देव अवश्य देते है , शनि ग्रह को नवग्रहों में न्यायाधीश की उपाधि प्राप्त है ।

दैनिक जीवन मे शनि का डर मानव जीवन पर अत्यधिक है इसका मुख्य कारण है की शनि न्यायाधीश है। लेकिन मनुष्य को उनसे डरना नही चाहिए बल्कि अपने कर्मो को सही करना चाहिए। क्योंकि अगर शनि देव किसी के कर्म से प्रसन्न होते तो उस व्यक्ति के जीवन मे कभी दुख नही आता है।

शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मो का फल देते है , बुरे कर्म करने पर सजा और अच्छे कर्म करने पर जीवन मे बहुत बड़ी सफलता देते है।
राजा को रंक और रंक को राजा बनाने का मुख्यतः कार्य शनि ग्रह का ही है ।

सूर्य पुत्र शनि देव नवग्रहों में सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह है इसलिए शनि दशा अंतर्दशा में व्यक्ति का हर कार्य मे विलम्ब होता है एवं तीन दिन के कार्य को तेरह दिनों में करवाने का कार्य शनि देव करते है ।

सूर्यपुत्र शनि देव की अपने ही पिता से विचारों में अलगाव होने के कारण जातक की कुंडली मे जब शनि और सूर्य आमने सामने होते है,या किसी भी तरह सूर्य ग्रह और शनि देव का संबंध बनता है तो जातक का अपने पिता से विचारों में अलगाव और पिता पुत्र के संबंध में कमी आती है ।

   जानिए शनि देव के जीवन की सम्पूर्ण कहानी 

न्यायाधीश शनि देव को प्रसन्न करने के 11 महा-उपाय :-

1. कर्मप्रधान न्यायाधीश शनि ग्रह को प्रसन्न करने का सबसे बड़ा और मुख्य उपाय है सत्कर्म करना , ईमानदारी से कर्म करना।

2. प्रति शानिवार को प्रातः पीपल के पेड़ पर जल देंना चाहिए एवं संध्या काल मे पीपल के पेड़ के नीचे सरसो के तेल में काले तिल डालकर दीपक   लगना चाहिए ।

3. प्रतिदिन संध्या काल मे हनुमान चालीसा का पाठ एक बार एवं मंगलवार और शनिवार को तीन पाठ करना चाहिए ।

4. शनि अमावस्या पर सरसों के तेल या चमेली के तेल का दीपक लगा कर सुंदरकांड का पाठ करने से शनि जन्य दोषों से मुक्ति मिलती है ।

5. अमावस्या को संध्या काल मे पीपल के पेड़ पर दूध से बनी मिठाई चढ़ानी चाहिए ।

6. नारियल के सूखे गोले में शक्कर, खोपरे का बुरादा , काले तिल डाल कर पीपल के पेड़ के पास गड्डा करके उसमें दबा देना चाहिए । ( यह उपाय कम से कम 7 शनिवार करना चाहिए )

7. जरूरत मंद और मजदूरों को अपने पहने हुए कपड़े , चप्पल, काला तवा , काले तिल ,तेल , काली उडद आदि का दान शनिवार को करना चाहिए ।

8. शनि ग्रह के प्रकोप और बुरे प्रभाव से बचने से जातक को अपने चाचा से संबंध अच्छे और मधुर रखने चाहिए , चाचा की सेवा और उनकी किसी ना किसी प्रकार से मदद करने से शनि ग्रह के बुरे प्रभाव से बचा जा सकता है ।

9. प्रतिदिन या प्रति शनिवार को शिवलिंग पर सरसों के तेल से अभिषेक करना चाहिए , सरसो के तेल से शिवलिंग पर अभिषेक पर शत्रुओं का दमन होता है एवं शनि देव की कृपा बनी रहती है ।

10. शनि ग्रह के बुरे प्रभाव से ज्यादा परेशान होने पर घर मे एक कला कुत्ता अवश्य पाले या काले कुत्ते की हमेशा सेवा करने से शनि देव का आर्शीवाद बना रहता है।

11. शनि देव की कुदृष्टि और बुरे प्रोकोप से बचने से प्रतिदिन या प्रति शनिवार को संध्याकाल में  निम्नलिखित मंत्रों का जाप रुद्राक्ष की माला से करते रहना चाहिए।

      ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:
ॐ शं शनैश्चराय नम:
संकल्प की विधि:-

• किसी भी उपाय को शुक्ल पक्ष में शुरू करे उस दिवस प्रातःकाल सूर्योदय के 1 घंटे के भीतर दाहिने हाथ मे जल और पूर्ण अक्षत ले।

   अपना नाम, गोत्र, वार, तिथि,दिशा, स्थान के देवता का नाम, ईष्ट देवता का नाम लेकर ,

   बोले मै इस उपाय को (अपना उपाय बोले) इस कार्य हेतु (अपना कार्य बोले) कर रहा हूँ।

    जिसका पूर्ण फल आप स्वयं को प्राप्त हो ऐसा बोलकर अहम करिष्यामि बोलते हुए जल जमीन पर छोड़ दे।

गुरु ग्रह होगे प्रसन्न सफलता चूमेगी कदम

शनि ग्रह के बताए गए उपाय में से कुछ उपाय करके
भी कुंडली में शनि ग्रह को मजबूत कर सकते है एवं जीवन में आ रही परेशानियों को दूर कर सकते है ।
उपाय कम से कम 90 दिनों तक लगातार करे और उचित फल की कामना करे।
कला और भौतिक सुख के कारक शुक्र ग्रह को कैसे करे प्रसन्न
हम आशा करते है शनि ग्रह के बारे मे जानकारी से आप संतुस्ट होगे ,
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