राहु ग्रह से जुड़ी कुछ अनसुनी बाते और राहु ग्रह के उपाय

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राहु ग्रह  9  ग्रहों  में शामिल एक छाया ग्रह है।

ये जातक की कुंडली मे जिस घर मे बैठ जाते है उस घर के ग्रह पर अपना प्रभाव डालते है।

अक्सर राहु के बारे में बुरे प्रभाव का सुना जाता है किंतु ये व्यक्ति के जीवन मे अच्छे बदलाव भी लाते है।

चलिए जानते है

कुंडली मे राहु कमजोर और प्रबल अवस्था मे होने पर मानव जीवन पर क्या प्रभाव डालते है।

राहु ग्रह से जुड़ी कुछ अनसुनी बाते एवं कुंडली मे जब राहु ग्रह कमजोर अवस्था मे हो तब किन किन परेशानियों से गुजरना पड़ता है ।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार नवग्रहों में राहु एक छाया ग्रह है। आर्द्रा, स्वाति और शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु ग्रह को माना गया है ।

राहु ग्रह व्यक्ति के दिमाग पर असर करते है जब भी कुंडली मे राहु कमजोर होते है तो जातक अपने हाथों से ही अपना नुकसान करता है।

दैनिक जीवन के बोल चाल में कई बार कहा जाता है  “विनाश काले विपरीत बुद्धि”  यह कार्य राहु ग्रह का कार्य है।

छाया ग्रह होने के कारण राहु किसी भी राशि के स्वामी नही है परंतु बुध ग्रह से मित्रता होने के राहु को कन्या राशि का स्वामी माना गया है और मिथुन राशि मे राहु को उच्च राशि का माना जाता है ।

  • राहु ग्रह की नीच राशि क्या है और किस राशि मे राहु अपना बुरा प्रभाव देते है ?
    राहु ग्रह की नीच राशि गुरु ग्रह की राशि धनु राशि को माना गया है और राहु  मीन राशि में कमजोर हो कर अपना बुरा प्रभाव देते है ।

हिन्दू धर्म मे राहु ग्रह को अशुभ माना गया है।

राहु ग्रह एक रहस्यमयी ग्रह है , राहु अचानक फल देने वाला ग्रह है।

राहु किसी भी घटना की अचानक घटित करते है , राहु  की दशा अंतर्दशा आने पर अचानक जीवन मे कई तरह के परिवर्तन करते है ।

 शुभ राहु ग्रह  का प्रभाव:-

वैदिक ज्योतिष के अनुसार अगर कुंडली मे राहु शुभ अवस्था मे हो तो अचानक शुभ फल की प्राप्ति होती है ,

जातक तेज़ बुद्धि का और चालक प्रवत्ति का होता है , जातक को  समाज मे मान सम्मान और यश की प्राप्ति होती है ।

कुंडली में लग्न में राहु अगर उच्च राशि मिथुन राशि के विराजमान हो तो ऐसे जातक की बुद्धि तीव्र और कुशाग्र होती है।

उच्च राशि में विराजमान लग्न में राहु ग्रह शुभ फल प्रदान करते है परंतु लग्न और सप्तम भाव मे विराजमान राहु दाम्पत्य जीवन को कमजोर करते है ।
शुभ राहु  कुंडली  मे  होने जातक की कल्पना शक्ति तीव्र होती है ।

कुंडली के 11 भाव लाभ में भी राहु को शुभ माना गया है ,

माना जाता है लाभ में सभी पापी ग्रह शुभ फल प्रदायक होते है ,

लाभ भाव मे राहु होने पर शिक्षा में विघ्न अवश्य पैदा करता है क्योंकि राहु  की सप्तम दृष्टि शिक्षा भाव पर पड़ती है ।

 अशुभ राहु ग्रह  का प्रभाव :-

राहु ग्रह अगर कुंडली मे कमजोर अवस्था मे होते है तो नकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं।

राहु ग्रह कुंडली में अपनी नीच राशि हो और उन पर किसी भी शुभ ग्रह की दृष्टि ना होने पर राहु ग्रह का  नकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं।

कुंडली मे राहु कमजोर होने पर जातक गुरु और धर्म का अपमान करता है , काल्पनिक प्रवृति का  और  काल्पनिक बातों में रुचि लेने वाला होता है।

राहु  के कमजोर होने पर जातक झूठ बोलने वाला और शराब पीने वाला एवं मास मदिरा का सेवन करने वाला होता है ।

राहु  कमजोर होने पर जातक आलसी प्रवत्ति का होता है , ऐसा जातक सोचता अधिक है और कर्म कम करता है ।

राहु प्रधान व्यक्ति की पहचान झूठ बोलना , धोखा देना और हमेशा कटु वचन बोलते रहना , निरंतर तामसिक भोजन करते रहना ।

राहु ग्रह के कमजोर होने सबसे मुख्य लक्षण जातक में झूठ बोलने की आदत होती है ।

राहु ग्रह से जुड़ी बीमारियां :-

कुंडली मे राहु  कमजोर या बलहीन होने पर जातक को पेट से सम्बंधित रोग होते है पेट मे गैस का होना ,

बालो का झड़ना , बवासीर का होना , हमेशा मानसिक अशान्ति का बने रहना ।

कुंडली मे कमजोर राहु होने पर जातक तम्बाकू का सेवन करता है ।

राहु ग्रह के उपाय :-

1. राहु ग्रह के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए खाना किचन में खाना चाहिए और मूली का दान जरूरत मंद को देना चाहिए ।

2. बंजरग बाण और हनुमान चालीसा का पाठ नियमित रूप से प्रतिदिन करना चाहिए ।

3. व्यक्ति में राहु  के बुरे लक्षण दिखाई देने पर व्यक्ति को शिव आराधना करनी चाहिए एवं प्रतिदिन या प्रति सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए ।

4. 60 ग्राम का चांदी का ठोस हाथी जिसकी सूंढ़ नीचे की तरफ़ हो , ऐसा हाथी बनवाकर अपने तकिए के पास या बैडरूम में रखने से राहु  का बुरा प्रभाव कम होता है ।

5. जौ या अनाज को अपने सर के नीचे रात में रख कर सुबह उसे पक्षियों को खिलाए या जौ को दूध बहते हुए पानी मे बहाए।

6. जातक को संकल्प लेकर 5 रविवार 1 नारियल को 11 बार सिर से उतार कर बहते हुए जल में बहाना चाहिए ऐसा 5 रविवार करे।

7. परेशान राहु वाले व्यक्ति को कम से कम 7 रविवार भेरू मंदिर में संध्याकाल में सरसों के तेल का दीपक लगा कर वही बैठ कर भेरू मंत्र का जाप 108 बार करना चाहिए और भेरू मंदिर में भैरुनाथ को प्रसाद चढ़ाना चाहिए ।
भेरू मंत्र :- ॐ श्री कालभैरव नमः

8. कमजोर राहु वाले व्यक्ति पक्षियों को दाने डाले एवं काले कुत्ते की सेवा अवश्य करें।

9. राहु ग्रह कुंडली मे कमजोर होने पर तम्बाकू का दान मजदूरों लोगो को करना चाहिए एवं कभी तामसिक आहार और मदिरापान का सेवन नही करें ।

10. राहु के बुरे परिणाम से बचने के लिए माँ दुर्गा की पूजा , दुर्गा चालीसा पाठ और नवरात्रि पूजन करना चाहिए ।

11. समय पर सोए रात्रि में ज्यादा देरी तक नही जागना चाहिए। देर तक जागना राहु को और कमजोर बनाता है।

राहु ग्रह का मंत्र :-

ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:  जप संख्या- 28,000 (28 हजार)

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• संकल्प की विधि:-

• किसी भी उपाय को शुक्ल पक्ष में शुरू करे उस दिवस प्रातःकाल सूर्योदय के 1 घंटे के भीतर दाहिने हाथ मे जल और पूर्ण अक्षत ले।

   अपना नाम, गोत्र, वार, तिथि,दिशा, स्थान के देवता का नाम, ईष्ट देवता का नाम लेकर ,

   बोले मै इस उपाय को (अपना उपाय बोले) इस कार्य हेतु (अपना कार्य बोले) कर रहा हूँ।

    जिसका पूर्ण फल आप स्वयं को प्राप्त हो ऐसा बोलकर अहम करिष्यामि बोलते हुए जल जमीन पर छोड़ दे।

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राहु के बताए गए उपाय में से कुछ उपाय करके

भी कुंडली में राहु को मजबूत कर सकते है एवं जीवन में आ रही परेशानियों को दूर कर सकते है ।

उपाय कम से कम 90 दिनों तक लगातार करे और उचित फल की कामना करे।

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